आज Nanded जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज महाराष्ट्र राज्य के Nanded जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप महाराष्ट्र की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Nanded में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹9,900 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹9,900 क्विंटल ( भोकर )
अधिकतम भाव ₹9,900 क्विंटल ( भोकर )
* यह सारांश 14 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य के Nanded जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹9,900 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव भोकर मंडी में ₹9,900 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव भोकर मंडी में ₹9,900 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर महाराष्ट्र राज्य के Nanded जिले की 14 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 29 दिसंबर 2025 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Nanded जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Nanded भोकर (Bhokar) 9900 से 9900 ₹क्विंटल 29 Dec 2025
तिल Nanded लोहा (Loha) 11100 से 11411 ₹क्विंटल 22 Oct 2025
तिल Nanded भोकर (Bhokar) 9400 से 9400 ₹क्विंटल 4 Oct 2025
तिल Nanded Nanded (Nanded) 7000 से 7000 ₹क्विंटल 9 Sep 2025
तिल Nanded धर्माबाद (Dharmabad) 7000 से 8210 ₹क्विंटल 18 Aug 2025
तिल Nanded लोहा (Loha) 5000 से 8050 ₹क्विंटल 9 Jul 2025
तिल Nanded किनवट (Kinwat) 9000 से 9100 ₹क्विंटल 30 May 2025
तिल Nanded Nanded (Nanded) 11000 से 11000 ₹क्विंटल 16 May 2025
तिल Nanded किनवट (Kinwat) 9270 से 9300 ₹क्विंटल 16 May 2025
तिल Nanded धर्माबाद (Dharmabad) 10600 से 11360 ₹क्विंटल 30 Sep 2024
तिल Nanded भोकर (Bhokar) 6000 से 6000 ₹क्विंटल 6 Apr 2021
तिल Nanded नायगाव (Naigaon) 5225 से 5225 ₹क्विंटल 13 Oct 2017
तिल Nanded कंधार (Kandhar) 4425 से 4425 ₹क्विंटल 3 Oct 2012
तिल Nanded धर्माबाद (Dharmabad) 5000 से 5000 ₹क्विंटल 23 May 2012

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।