आज Parbhani जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज महाराष्ट्र राज्य के Parbhani जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप महाराष्ट्र की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य के Parbhani जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹5,560 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव जिंतुर मंडी में ₹1,675 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव सोनपेठ मंडी में ₹11,900 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर महाराष्ट्र राज्य के Parbhani जिले की 12 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 9 जनवरी 2025 को अपडेट किया गया है।
आज Parbhani जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | तिल भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| तिल | Parbhani | पाथरी (Pathri) | 8500 से 8500 ₹क्विंटल | 9 Jan 2025 |
| तिल | Parbhani | मानवत (Manwath) | 4550 से 4600 ₹क्विंटल | 19 Aug 2022 |
| तिल | Parbhani | सोनपेठ (Sonpeth) | 11900 से 11900 ₹क्विंटल | 5 Jan 2022 |
| तिल | Parbhani | पुर्णा (Purna) | 6500 से 6500 ₹क्विंटल | 19 Dec 2017 |
| तिल | Parbhani | जिंतुर (Jintur) | 9000 से 9000 ₹क्विंटल | 13 Jan 2015 |
| तिल | Parbhani | सोनपेठ (Sonpeth) | 5100 से 5100 ₹क्विंटल | 14 Dec 2010 |
| तिल | Parbhani | पाळम (Palam) | 5400 से 5800 ₹क्विंटल | 2 Jan 2010 |
| तिल | Parbhani | पाळम (Palam) | 5200 से 6201 ₹क्विंटल | 26 Dec 2009 |
| तिल | Parbhani | जिंतुर (Jintur) | 2900 से 2900 ₹क्विंटल | 9 Oct 2004 |
| तिल | Parbhani | जिंतुर (Jintur) | 3200 से 3200 ₹क्विंटल | 24 Dec 2003 |
| तिल | Parbhani | परभणी (Parbhani) | 2800 से 2800 ₹क्विंटल | 14 Nov 2003 |
| तिल | Parbhani | जिंतुर (Jintur) | 1675 से 1675 ₹क्विंटल | 10 Oct 2003 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने वाले तत्व विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।
भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।
तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।