आज अजमेर जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज राजस्थान राज्य के अजमेर जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप राजस्थान की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
अजमेर में तिल मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹6,672 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹0 क्विंटल ( ब्यावर ) |
| अधिकतम भाव | ₹13,000 क्विंटल ( मदनगंज (किशनगढ़) ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, राजस्थान राज्य के अजमेर जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹6,672 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव ब्यावर मंडी में ₹0 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव मदनगंज (किशनगढ़) मंडी में ₹13,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर राजस्थान राज्य के अजमेर जिले की 12 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 17 जनवरी 2025 को अपडेट किया गया है।
आज अजमेर जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | तिल भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| तिल | अजमेर | Madanganj Kishangarh (Madanganj Kishangarh) | 11501 से 11701 ₹क्विंटल | 17 Jan 2025 |
| तिल | अजमेर | केकड़ी (Kekri) | 10000 से 10571 ₹क्विंटल | 17 Jul 2024 |
| तिल | अजमेर | मदनगंज (किशनगढ़) (Madanganj (Kishangarh)) | 13000 से 13000 ₹क्विंटल | 22 Nov 2023 |
| तिल | अजमेर | Vijaynagar (Vijaynagar) | 10525 से 11700 ₹क्विंटल | 26 Nov 2018 |
| तिल | अजमेर | Madanganj Kishangarh (Madanganj Kishangarh) | 8000 से 8000 ₹क्विंटल | 21 Mar 2015 |
| तिल | अजमेर | Gulabpura (Gulabpura) | 7000 से 7000 ₹क्विंटल | 25 Dec 2013 |
| तिल | अजमेर | ब्यावर (Beawar) | 6045 से 6308 ₹क्विंटल | 8 Mar 2011 |
| तिल | अजमेर | ब्यावर (Beawar) | 4987 से 5895 ₹क्विंटल | 8 Jul 2010 |
| तिल | अजमेर | ब्यावर (Beawar) | 0 से 7405 ₹क्विंटल | 30 Jul 2008 |
| तिल | अजमेर | ब्यावर (Beawar) | 3000 से 3300 ₹क्विंटल | 18 Aug 2005 |
| तिल | अजमेर | ब्यावर (Beawar) | 2650 से 3000 ₹क्विंटल | 8 Jun 2005 |
| तिल | अजमेर | ब्यावर (Beawar) | 3350 से 3500 ₹क्विंटल | 26 Jan 2004 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने वाले तत्व विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।
भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।
तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।