आज अलवर जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज राजस्थान राज्य के अलवर जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप राजस्थान की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

अलवर में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹7,800 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹7,800 क्विंटल ( अलवर )
अधिकतम भाव ₹7,800 क्विंटल ( अलवर )
* यह सारांश 12 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, राजस्थान राज्य के अलवर जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹7,800 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव अलवर मंडी में ₹7,800 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव अलवर मंडी में ₹7,800 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर राजस्थान राज्य के अलवर जिले की 12 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 5 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज अलवर जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल अलवर अलवर (Alwar) 7800 से 7800 ₹क्विंटल 5 Feb 2026
तिल अलवर बरोदमेओ (Barodameo) 10000 से 10000 ₹क्विंटल 26 Nov 2025
तिल अलवर अलवर (Alwar) 8600 से 8600 ₹क्विंटल 27 Oct 2025
तिल अलवर Laxmangarh - Barodamev (Laxmangarh - Barodamev) 8001 से 8001 ₹क्विंटल 25 Oct 2025
तिल अलवर Laxmangarh (Barodamev) (Laxmangarh (Barodamev)) 8001 से 8001 ₹क्विंटल 25 Oct 2025
तिल अलवर Laxmangarh (Barodamev) (Laxmangarh (Barodamev)) 9900 से 9900 ₹क्विंटल 9 Dec 2024
तिल अलवर खैरथल (Khairthal) 12000 से 14000 ₹क्विंटल 25 Apr 2024
तिल अलवर खेरली (Kherli) 12000 से 12000 ₹क्विंटल 27 Jan 2024
तिल अलवर खेरली (Khedli) 14000 से 15000 ₹क्विंटल 17 Oct 2023
तिल अलवर बरोदमेओ (Barodameo) 14251 से 14251 ₹क्विंटल 30 Sep 2023
तिल अलवर खैरथल (Khairthal) 2500 से 2500 ₹क्विंटल 15 Apr 2004
तिल अलवर खैरथल (Khairthal) 3180 से 3180 ₹क्विंटल 7 Jan 2004

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।