आज हनुमानगढ़ जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप राजस्थान की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹16,600 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव नोहर मंडी में ₹13,200 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव गोलूवाला मंडी में ₹20,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले की 14 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 28 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज हनुमानगढ़ जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | तिल भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| तिल | हनुमानगढ़ | नोहर (Nohar) | 13200 से 25300 ₹क्विंटल | 28 Jan 2026 |
| तिल | हनुमानगढ़ | गोलूवाला (Goluwala) | 20000 से 20000 ₹क्विंटल | 6 Jan 2026 |
| तिल | हनुमानगढ़ | रावतसर (Rawatsar) | 16750 से 23500 ₹क्विंटल | 19 Nov 2025 |
| तिल | हनुमानगढ़ | रावतसर (Rawatsar) | 15500 से 23750 ₹क्विंटल | 18 Nov 2025 |
| तिल | हनुमानगढ़ | रावतसर (Rawatsar) | 13500 से 13500 ₹क्विंटल | 23 Sep 2025 |
| तिल | हनुमानगढ़ | संगरिया (Sangaria) | 11500 से 11500 ₹क्विंटल | 6 Dec 2024 |
| तिल | हनुमानगढ़ | गोलूवाला (Goluwala) | 12600 से 12600 ₹क्विंटल | 8 Mar 2024 |
| तिल | हनुमानगढ़ | हनुमानगढ़ टाउन (Hanumangarh Town) | 12951 से 12951 ₹क्विंटल | 4 Jan 2024 |
| तिल | हनुमानगढ़ | सूरतगढ़ (Suratgarh) | 15000 से 15000 ₹क्विंटल | 15 Nov 2023 |
| तिल | हनुमानगढ़ | Pilibanga (Pilibanga) | 9901 से 9901 ₹क्विंटल | 4 Aug 2021 |
| तिल | हनुमानगढ़ | हनुमानगढ़ (Hanumangarh) | 5000 से 5000 ₹क्विंटल | 13 Feb 2017 |
| तिल | हनुमानगढ़ | Pilibanga (Pilibanga) | 5300 से 5300 ₹क्विंटल | 3 Feb 2017 |
| तिल | हनुमानगढ़ | सूरतगढ़ (Suratgarh) | 5000 से 5601 ₹क्विंटल | 8 Jan 2016 |
| तिल | हनुमानगढ़ | हनुमानगढ़ (Hanumangarh) | 4500 से 4500 ₹क्विंटल | 25 Mar 2011 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने वाले तत्व विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।
भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।
तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।