आज Tiruchirappalli जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज तमिल नाडु राज्य के Tiruchirappalli जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप तमिल नाडु की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Tiruchirappalli में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹7,586 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹1,200 क्विंटल ( Manachanallur )
अधिकतम भाव ₹16,500 क्विंटल ( Lalgudi )
* यह सारांश 7 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, तमिल नाडु राज्य के Tiruchirappalli जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹7,586 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Manachanallur मंडी में ₹1,200 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Lalgudi मंडी में ₹16,500 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर तमिल नाडु राज्य के Tiruchirappalli जिले की 7 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 3 जुलाई 2024 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Tiruchirappalli जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Thiruchirappalli Lalgudi (Lalgudi) 14500 से 16500 ₹क्विंटल 3 Jul 2024
तिल Thiruchirappalli Lalgudi (Lalgudi) 12500 से 14666 ₹क्विंटल 18 Jun 2024
तिल Thiruchirappalli Lalgudi (Lalgudi) 13200 से 13500 ₹क्विंटल 6 Jun 2024
तिल Thiruchirappalli Manachanallur (Manachanallur) 1200 से 1300 ₹क्विंटल 16 Apr 2013
तिल Thiruchirappalli Trichy (Trichy) 7050 से 9650 ₹क्विंटल 21 Dec 2012
तिल Thiruchirappalli Thuraiyur (Thuraiyur) 1350 से 1450 ₹क्विंटल 17 Oct 2012
तिल Thiruchirappalli Trichy (Trichy) 3300 से 4200 ₹क्विंटल 25 Feb 2009

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।