आज त्रिपुरा में तिल का मंडी भाव - 22 अगस्त 2014



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज त्रिपुरा राज्य में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप त्रिपुरा की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

त्रिपुरा में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹171,520 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹1,400 क्विंटल ( Melaghar )
अधिकतम भाव ₹900,000 क्विंटल ( Barpathari )
* यह सारांश 5 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, त्रिपुरा की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹171,520 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव Melaghar मंडी में ₹1,400 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव Barpathari मंडी में ₹900,000 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर त्रिपुरा की 5 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 22 अगस्त 2014 को अपडेट किया गया है।

त्रिपुरा के ज़िला अनुसार तिल का मंडी भाव


तिल भाव

आज त्रिपुरा में तिल का मंडी भाव - 22 अगस्त 2014

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल दक्षिण त्रिपुरा Barpathari (Barpathari) 850000 से 900000 ₹क्विंटल 22 Aug 2014
तिल दक्षिण त्रिपुरा Santir Bazar (Santir Bazar) 2200 से 2250 ₹क्विंटल 8 Nov 2006
तिल Sepahijala Melaghar (Melaghar) 1400 से 1500 ₹क्विंटल 29 Jul 2004
तिल Dhalai Kulai (Kulai) 2000 से 2200 ₹क्विंटल 27 Jan 2004
तिल Sepahijala Bishalgarh (Bishalgarh) 2000 से 2500 ₹क्विंटल 2 Apr 2002

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।

मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।