आज Mahoba जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Mahoba जिले में तिल के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Mahoba में तिल मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Sesamum(Sesame,Gingelly,Til) तिल
औसत भाव ₹9,000 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹9,000 क्विंटल ( महोबा )
अधिकतम भाव ₹9,100 क्विंटल ( महोबा )
* यह सारांश 10 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Mahoba जिले की मंडियो में तिल का औसतन भाव ₹9,000 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव महोबा मंडी में ₹9,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव महोबा मंडी में ₹9,100 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Mahoba जिले की 10 मंडियो के तिल के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 31 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

तिल भाव

आज Mahoba जिले में तिल का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी तिल भाव अप्डेट
तिल Mahoba महोबा (Mahoba) 9000 से 9100 ₹क्विंटल 31 Jan 2026
तिल Mahoba महोबा (Mahoba) 9400 से 9600 ₹क्विंटल 12 Nov 2025
तिल Mahoba महोबा (Mahoba) 9150 से 9150 ₹क्विंटल 7 Nov 2025
तिल Mahoba चरखारी (Charkhari) 9100 से 9250 ₹क्विंटल 31 Oct 2025
तिल Mahoba चरखारी (Charkhari) 8000 से 8000 ₹क्विंटल 28 Oct 2025
तिल Mahoba चरखारी (Charkhari) 8750 से 8850 ₹क्विंटल 26 Sep 2025
तिल Mahoba महोबा (Mahoba) 9100 से 9200 ₹क्विंटल 12 Mar 2025
तिल Mahoba महोबा (Mahoba) 9200 से 9350 ₹क्विंटल 10 Mar 2025
तिल Mahoba चरखारी (Charkhari) 10000 से 10000 ₹क्विंटल 28 Dec 2024
तिल Mahoba महोबा (Mahoba) 5497 से 5505 ₹क्विंटल 30 Apr 2012

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

तिल एक पुष्पीय पौधा है। तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है। इसकी खेती 5000 साल पहले शुरू हुई थी। भारत मे तिल दो प्रकार का होता है -सफेद और काला। हिन्दू धर्म मे तिल का बहुत महत्व है। पूजा में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है और पितरों के तर्पण में तिल का प्रयोग होता है। तिल की खेती साल में तीन बार की जा सकती है।तिल से कई प्रकार की मिठाई, गजक, लड्डू आदि बनाए जाते हैं। तिल में मिलने  वाले तत्व  विटामिन बी, कैल्शियम, लिनोलिक अम्ल और फास्फोरस पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। तिल कोलेस्ट्रोल घटाने में भी सहायक है। तिल के तेल को तेलों की रानी कहा जाता है। तिल के लिए शीतोष्ण जलवायु अच्छी रहती है। ज्यादा बरसात या सूखा पड़ने पर इसकी फसल सही नहीं होती है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा इसे बलुई दोमट और काली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है।

भारत में तिल की खेती - भारत के विभिन्न राज्यों में तिल की खेती की जाती है जैसे महाराष्ट्र,राजस्थान,पश्चिम बंगाल,आंध्र प्रदेश,गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और तेलंगाना। तिल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में किया जाता है।

तिल की उन्नत किस्मे – टी के जी 308, जवाहर तिल 306, जे टी यस 8, टी के जी 55, आर टी 46, आर टी 125 आदि तिल की कुछ उन्नत किस्मे है।