आज Rajkot जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज गुजरात राज्य के Rajkot जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप गुजरात की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, गुजरात राज्य के Rajkot जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹4,776 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव जसदान मंडी में ₹4,000 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव गोंडल मंडी में ₹5,905 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर गुजरात राज्य के Rajkot जिले की 14 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 7 फरवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Rajkot जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| सरसों | Rajkot | राजकोट (Rajkot) | 4900 से 6300 ₹क्विंटल | 7 Feb 2026 |
| सरसों | Rajkot | जसदान (Jasdan) | 4000 से 6500 ₹क्विंटल | 6 Feb 2026 |
| सरसों | Rajkot | गोंडल (Gondal) | 5205 से 5905 ₹क्विंटल | 3 Feb 2026 |
| सरसों | Rajkot | गोंडल (Gondal) | 5000 से 5000 ₹क्विंटल | 31 Jan 2026 |
| सरसों | Rajkot | जसदान (Jasdan) | 4500 से 5500 ₹क्विंटल | 11 Apr 2025 |
| सरसों | Rajkot | जेतपुर (Jetpur) | 3250 से 5500 ₹क्विंटल | 13 Apr 2024 |
| सरसों | Rajkot | जसदान (Jasdan) | 3500 से 4125 ₹क्विंटल | 22 Nov 2014 |
| सरसों | Rajkot | गोंडल (Gondal) | 3005 से 4455 ₹क्विंटल | 17 Sep 2014 |
| सरसों | Rajkot | Jamkandorna (Jamkandorna) | 3000 से 3575 ₹क्विंटल | 11 May 2012 |
| सरसों | Rajkot | गोंडल (Gondal) | 2205 से 2280 ₹क्विंटल | 25 Apr 2009 |
| सरसों | Rajkot | गोंडल (Gondal) | 2080 से 2405 ₹क्विंटल | 23 May 2008 |
| सरसों | Rajkot | जेतपुर (Jetpur) | 1505 से 1605 ₹क्विंटल | 25 Jul 2007 |
| सरसों | Rajkot | राजकोट (Rajkot) | 1605 से 1625 ₹क्विंटल | 21 Mar 2003 |
| सरसों | Rajkot | गोंडल (Gondal) | 1150 से 1150 ₹क्विंटल | 12 Dec 2001 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।