आज Gonda जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Gonda जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Gonda में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹5,950 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹5,950 क्विंटल ( गोण्डा )
अधिकतम भाव ₹6,020 क्विंटल ( गोण्डा )
* यह सारांश 8 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Gonda जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹5,950 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव गोण्डा मंडी में ₹5,950 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव गोण्डा मंडी में ₹6,020 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Gonda जिले की 8 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 13 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज Gonda जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों Gonda गोण्डा (Gonda) 5950 से 6020 ₹क्विंटल 13 Jan 2026
सरसों Gonda नवाबगंज (Nawabganj) 5950 से 6100 ₹क्विंटल 26 Dec 2025
सरसों Gonda कर्नलगंज (Colonelganj) 5900 से 6000 ₹क्विंटल 31 Oct 2025
सरसों Gonda नवाबगंज (Nawabganj) 5600 से 5680 ₹क्विंटल 21 Feb 2025
सरसों Gonda कर्नलगंज (Colonelganj) 3100 से 3200 ₹क्विंटल 27 May 2017
सरसों Gonda गोण्डा (Gonda) 3700 से 3745 ₹क्विंटल 27 May 2016
सरसों Gonda कर्नलगंज (Colonelganj) 3100 से 3250 ₹क्विंटल 30 Dec 2014
सरसों Gonda नवाबगंज (Nawabganj) 3000 से 3100 ₹क्विंटल 31 Jul 2014

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।