Lakhimpur Kheri जिले में सरसों मंडी भाव - Mustard Bhav In Lakhimpur Kheri District
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Lakhimpur Kheri जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
Lakhimpur Kheri में सरसों मंडी भाव का सारांश
कमोडिटी | ![]() |
औसत मंडी भाव | ₹5,436 / क्विंटल |
न्यूनतम मंडी भाव | ₹5,130 / क्विंटल ( लखीमपुर ) |
उच्चतम मंडी भाव | ₹5,750 / क्विंटल ( गोला गोकर्णनाथ ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के
Lakhimpur Kheri जिले की मंडियो में
सरसों का औसतन भाव
₹5,436 /क्विंटल हैं।
पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव
लखीमपुर
मंडी में ₹5,130 /क्विंटल
रहा, जबकि सबसे अधिक भाव
गोला गोकर्णनाथ
मंडी में ₹5,750 /क्विंटल
रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के
Lakhimpur Kheri जिले की 5
मंडियो के
सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार
2 Apr 2025 को अपडेट किया
गया है।

आज Lakhimpur Kheri जिले में सरसों मंडी भाव - Mustard Bhav In Lakhimpur Kheri District
कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
---|---|---|---|---|
सरसों | Lakhimpur | लखीमपुर (Lakhimpur) | 5500 से 5820 ₹/क्विंटल | 2 Apr 2025 |
सरसों | Lakhimpur | लखीमपुर (Lakhimpur) | 5130 से 5450 ₹/क्विंटल | 2 Apr 2025 |
सरसों | Lakhimpur | गोला गोकर्णनाथ (Gola Gokarannath) | 5400 से 5500 ₹/क्विंटल | 2 Apr 2025 |
सरसों | Lakhimpur | गोला गोकर्णनाथ (Gola Gokarannath) | 5650 से 5750 ₹/क्विंटल | 29 Mar 2025 |
सरसों | Lakhimpur | पालिया कलान (Palia Kalan) | 5500 से 5800 ₹/क्विंटल | 19 Mar 2025 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।
मंडी में सेब, केला,सरसों, गेहूँ, जौ आदि की बिक्री होती है। इस वेबसाइट के माध्यम से आप मंडी में भाव की ताज़ा अपडेट ले सकते हैं।