आज Mahoba जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां



नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Mahoba जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।

Mahoba में सरसों मंडी भाव का सारांश

कमोडिटी Mustard सरसों
औसत भाव ₹6,300 क्विंटल
न्यूनतम भाव ₹6,300 क्विंटल ( चरखारी )
अधिकतम भाव ₹6,300 क्विंटल ( चरखारी )
* यह सारांश 9 मंडियो के पिछले एक सप्ताह के भाव से लिया गया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Mahoba जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹6,300 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव चरखारी मंडी में ₹6,300 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव चरखारी मंडी में ₹6,300 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Mahoba जिले की 9 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 11 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।

सरसों भाव

आज Mahoba जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां

कमोडिटी ज़िला मंडी सरसों भाव अप्डेट
सरसों Mahoba चरखारी (Charkhari) 6300 से 6300 ₹क्विंटल 11 Jan 2026
सरसों Mahoba महोबा (Mahoba) 6300 से 6430 ₹क्विंटल 4 Jan 2026
सरसों Mahoba चरखारी (Charkhari) 6500 से 6500 ₹क्विंटल 10 Dec 2025
सरसों Mahoba चरखारी (Charkhari) 6150 से 6270 ₹क्विंटल 3 Nov 2025
सरसों Mahoba महोबा (Mahoba) 5750 से 5850 ₹क्विंटल 16 May 2025
सरसों Mahoba चरखारी (Charkhari) 5400 से 5800 ₹क्विंटल 3 Mar 2025
सरसों Mahoba महोबा (Mahoba) 3250 से 3330 ₹क्विंटल 28 Mar 2019
सरसों Mahoba महोबा (Mahoba) 3340 से 3385 ₹क्विंटल 2 Jan 2019
सरसों Mahoba चरखारी (Charkhari) 0 से 0 ₹क्विंटल 24 Nov 2011

Notes*

  • सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
  • भाव में परिवर्तन हो सकता है।
  • ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं

सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।

भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।

सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।