आज Raebareli जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Raebareli जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Raebareli जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹6,600 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव रायबरेली मंडी में ₹6,600 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव रायबरेली मंडी में ₹6,650 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Raebareli जिले की 11 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 26 दिसंबर 2025 को अपडेट किया गया है।
आज Raebareli जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| सरसों | Raebarelli | रायबरेली (Raebareli) | 6600 से 6650 ₹क्विंटल | 26 Dec 2025 |
| सरसों | Raebarelli | रायबरेली (Raebareli) | 6700 से 6750 ₹क्विंटल | 5 Dec 2025 |
| सरसों | Raebarelli | लालगंज (Lalganj) | 5500 से 5600 ₹क्विंटल | 1 May 2024 |
| सरसों | Raebarelli | जैस (Jais) | 5300 से 5600 ₹क्विंटल | 29 Mar 2024 |
| सरसों | Raebarelli | जैस (Jais) | 5500 से 5550 ₹क्विंटल | 15 Dec 2023 |
| सरसों | Padrauna(Kusinagar) | तमकुही रोड (Tamkuhi Road) | 5450 से 5525 ₹क्विंटल | 2 Dec 2023 |
| सरसों | Raebarelli | बछरावां (Bachhrawan) | 6240 से 6260 ₹क्विंटल | 29 Apr 2022 |
| सरसों | Raebarelli | जैस (Jais) | 3915 से 3975 ₹क्विंटल | 3 Dec 2016 |
| सरसों | Raebarelli | लालगंज (Lalganj) | 3125 से 3175 ₹क्विंटल | 14 Aug 2014 |
| सरसों | Raebarelli | लालगंज (Lalganj) | 2975 से 3015 ₹क्विंटल | 25 Mar 2014 |
| सरसों | Raebarelli | रायबरेली (Raebareli) | 2175 से 2200 ₹क्विंटल | 13 Apr 2011 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।