आज Saharanpur जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Saharanpur जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Saharanpur जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹6,500 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव सहारनपुर मंडी में ₹6,500 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव सहारनपुर मंडी में ₹7,200 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Saharanpur जिले की 13 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 31 दिसंबर 2025 को अपडेट किया गया है।
आज Saharanpur जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| सरसों | Saharanpur | सहारनपुर (Saharanpur) | 6500 से 7200 ₹क्विंटल | 31 Dec 2025 |
| सरसों | Saharanpur | गंगोह (Gangoh) | 4800 से 5600 ₹क्विंटल | 30 Apr 2021 |
| सरसों | Saharanpur | चिलकाना सुल्तानपुर (Chilkana Sultanpur) | 370 से 390 ₹क्विंटल | 5 Dec 2017 |
| सरसों | Saharanpur | सहारनपुर (Saharanpur) | 3630 से 3790 ₹क्विंटल | 28 Nov 2017 |
| सरसों | Saharanpur | छुटमलपुर (Chhutmalpur) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 31 May 2017 |
| सरसों | Saharanpur | रामपुर मनिहरन (Rampur Maniharan) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 27 May 2017 |
| सरसों | Saharanpur | गंगोह (Gangoh) | 3200 से 3560 ₹क्विंटल | 28 May 2015 |
| सरसों | Saharanpur | गंगोह (Gangoh) | 2950 से 3450 ₹क्विंटल | 29 Aug 2014 |
| सरसों | Saharanpur | सहारनपुर (Saharanpur) | 2800 से 3250 ₹क्विंटल | 9 Jun 2014 |
| सरसों | Saharanpur | रामपुर मनिहरन (Rampur Maniharan) | 2800 से 3200 ₹क्विंटल | 28 May 2014 |
| सरसों | Saharanpur | छुटमलपुर (Chhutmalpur) | 2820 से 3180 ₹क्विंटल | 26 May 2014 |
| सरसों | Saharanpur | गंगोह (Gangoh) | 2860 से 3300 ₹क्विंटल | 24 May 2014 |
| सरसों | Saharanpur | चिलकाना सुल्तानपुर (Chilkana Sultanpur) | 2920 से 3220 ₹क्विंटल | 19 Apr 2014 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।