आज Sonbhadra जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Sonbhadra जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
Sonbhadra में सरसों मंडी भाव का सारांश
| कमोडिटी | |
| औसत भाव | ₹6,740 क्विंटल |
| न्यूनतम भाव | ₹6,740 क्विंटल ( रोबेर्त्स्गंज ) |
| अधिकतम भाव | ₹6,950 क्विंटल ( रोबेर्त्स्गंज ) |
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Sonbhadra जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹6,740 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव रोबेर्त्स्गंज मंडी में ₹6,740 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव रोबेर्त्स्गंज मंडी में ₹6,950 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Sonbhadra जिले की 8 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 13 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Sonbhadra जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| सरसों | Sonbhadra | रोबेर्त्स्गंज (Robertsganj) | 6740 से 6950 ₹क्विंटल | 13 Jan 2026 |
| सरसों | Sonbhadra | रोबेर्त्स्गंज (Robertsganj) | 6810 से 7015 ₹क्विंटल | 3 Nov 2025 |
| सरसों | Sonbhadra | रोबेर्त्स्गंज (Robertsganj) | 5915 से 6100 ₹क्विंटल | 6 Feb 2025 |
| सरसों | Sonbhadra | रोबेर्त्स्गंज (Robertsganj) | 3610 से 3705 ₹क्विंटल | 18 Sep 2017 |
| सरसों | Sonbhadra | दूधी (Dudhi) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 26 May 2017 |
| सरसों | Sonbhadra | रोबेर्त्स्गंज (Robertsganj) | 3680 से 3740 ₹क्विंटल | 22 Apr 2016 |
| सरसों | Sonbhadra | रोबेर्त्स्गंज (Robertsganj) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 16 Apr 2016 |
| सरसों | Sonbhadra | दूधी (Dudhi) | 2820 से 2860 ₹क्विंटल | 30 Dec 2011 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।