आज Jhansi जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
नमस्कार दोस्तों, मंडी भाव इंडिया में आपका स्वागत है। इस पेज पर आपको आज उत्तर प्रदेश राज्य के Jhansi जिले में सरसों के मंडी भाव की जानकारी मिलेगी। हमारे यहाँ पर आप उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी व छोटी मंडी में सभी प्रकार के फल, सब्ज़ी, एवं अनाज के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य के Jhansi जिले की मंडियो में सरसों का औसतन भाव ₹6,100 /क्विंटल हैं। पिछले एक सप्ताह में सबसे कम भाव मऊरानीपुर मंडी में ₹6,100 /क्विंटल रहा, जबकि सबसे अधिक भाव मऊरानीपुर मंडी में ₹6,100 /क्विंटल रहा। मंडी भाव इंडिया पर उत्तर प्रदेश राज्य के Jhansi जिले की 16 मंडियो के सरसों के भाव दिए गये है।
ये डाटा आख़िरी बार 21 जनवरी 2026 को अपडेट किया गया है।
आज Jhansi जिले में सरसों का मंडी भाव - सभी मंडियां
| कमोडिटी | ज़िला | मंडी | सरसों भाव | अप्डेट |
|---|---|---|---|---|
| सरसों | Jhansi | मऊरानीपुर (Mauranipur) | 6100 से 6100 ₹क्विंटल | 21 Jan 2026 |
| सरसों | Jhansi | गुर्सारी (Gursarai) | 6500 से 6550 ₹क्विंटल | 25 Jul 2025 |
| सरसों | Jhansi | झाँसी (Jhansi) | 4900 से 5150 ₹क्विंटल | 24 May 2024 |
| सरसों | Jhansi | चिरगाँव (Chirgaon) | 5050 से 5150 ₹क्विंटल | 7 May 2024 |
| सरसों | Jhansi | मोठ (Moth) | 5380 से 5450 ₹क्विंटल | 1 Jul 2023 |
| सरसों | Jhansi | झाँसी (Jhansi) | 3200 से 3300 ₹क्विंटल | 6 Aug 2018 |
| सरसों | Jhansi | मऊरानीपुर (Mauranipur) | 3450 से 3550 ₹क्विंटल | 17 Jul 2018 |
| सरसों | Jhansi | गुर्सारी (Gursarai) | 3250 से 3350 ₹क्विंटल | 17 Jul 2018 |
| सरसों | Jhansi | झाँसी (Jhansi) | 3350 से 3450 ₹क्विंटल | 16 Oct 2017 |
| सरसों | Jhansi | मोठ (Moth) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 28 Jun 2013 |
| सरसों | Jhansi | चिरगाँव (Chirgaon) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 28 Feb 2013 |
| सरसों | Jhansi | झाँसी (Jhansi) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 25 Feb 2013 |
| सरसों | Jhansi | मऊरानीपुर (Mauranipur) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 15 Sep 2012 |
| सरसों | Jhansi | मऊरानीपुर (Mauranipur) | 3250 से 3400 ₹क्विंटल | 6 Jun 2012 |
| सरसों | Jhansi | मोठ (Moth) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 30 Jan 2012 |
| सरसों | Jhansi | मऊरानीपुर (Mauranipur) | 0 से 0 ₹क्विंटल | 13 Oct 2009 |
Notes*
- सभी मंडी भाव 100 किलोग्राम के हिसाब से हैं
- भाव में परिवर्तन हो सकता है।
- ये भाव केवल आज के मंडी बाजार की स्थिति को इंगित करती हैं
सरसों एक तिलहन फसल है। सरसों के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। सामान्यत: सरसों दिसंबर में बोई जाती है और मार्च -अप्रैल के महीने में इसकी कटाई होती है। सरसों के तेल का उपयोग भोजन पकाने के साथ-साथ कीटाणु नाशक के रूप में भी किया जाता है। जर्मनी में सरसों के तेल का उपयोग जैव ईंधन के रूप में किया जाता है। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है जिसका प्रयोग शरीर में लगाने और भोज्य पदार्थ को बनाने में किया जाता है। इसके हरे मुलायम पत्तों का साग गांव में बहुत पसंद किया जाता है। इसके तेल से साबुन,ग्लिसरॉल और अचार बनाया जाता है। इसका तेल हमारी रक्षा सभी चर्म रोगों से करता है। भारत में सरसों मूंगफली के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। सरसो किसानों की सबसे प्रिय फसल है क्योंकि यह कम सिचाई और कम से कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। नेपाल सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह विश्व का 26 फ़ीसदी सरसों निर्यात करता है।दूसरे स्थान पर कनाडा आता है ,और कनाडा सरसों का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। कनाडा सरसों के बाजार का 57 परसेंट हिस्सा रखता है।
भारत मे सरसो की खेती – भारत में सरसों की खेती पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात में अधिक होती है।
सरसो की उन्नत किस्मे – पूसा सरसो आर एच 30, पूसा सरसो 27, पूसा बोल्ड, पूसा डबल जीरो सरसो 3,आर एच 1424, आर एच 1706 सरसो की कुछ उन्नत किस्मे है।